Book Cover

हालत और ज़िंदगी

मन की उड़ान by

Paperback - 199.00   199.00

Book Information

Book Size (Inches):

5x8 inch

Binding:

Black & White Paperback

Interior Color:

Black & White

Language:

Hindi

Genre(s):

Non-Fiction

ISBN:

9789390251148

Year:

2020

Pages:

124

Book Description

मानव जीवन बड़ा अनमोल है। धरती के सब जीव-जंतुओं में सर्वोत्तम स्थान मनुष्य को ही प्राप्त है। जब इंसान जन्म लेता है तो उसका मन बड़ा ही पवित्र होता है। वह सांसारिक लोभ-लालच, मोह-माया, छल-कपट रहित जीवन की शुरुआत करता है। जैसे-जैसे वह बड़ा होता जाता है तो सम-विषम हालातों का सामना करता हुआ ज़िंदगी के असली रूप से मुखातिब होता जाता है। समय के साथ साथ उसकी निर्मल आत्मा पर लोभ-लालच, मोह-माया, कुंठा, कठोरता आदि का आवरण चढ़ता जाता है। परिणामस्वरूप मनुष्य खुद को सामाजिक प्राणी होते हुए भी अकेला व हीन-भावना का शिकार महसूस करने लगता है या फिर इतना निरीह और कठोर हो जाता है कि उसके व्यवहार से दया, ममता, प्रेम, करुणा, त्याग आदि मानवता के लक्षण तिरोहित होने लगते हैं। जबकि ज़रुरत इस बात की है कि हालात चाहे जैसे भी हों, इंसान ज़मीन से जुड़ा रहकर आसमान छूता रहे और आदर्श संसार की कल्पना-स्वरूप 'वसुधैव कुटुंबकम्' की मान-मर्यादा का पालन करता रहे। जीवन की सम-विषम हालातों में इंसान हार नहीं माने और दूसरों के अस्तित्व को कमज़ोर न आँके। पुस्तक में संकलित कविताओं के माध्यम से ऐसा प्रयास किया गया है कि परमपिता परमात्मा की कृपा से मनुष्य-मात्र को हालातों से लड़ने, हार मान कर चुपचाप न बैठने, चुनौतियों का सामना करने, अपने व परायों को यथोचित सम्मान देने व अपनी कमियाँ जानकर उनका सुधार करने, किसी काम के करने को लेकर छोटा-बड़ा न समझने की भावना का विकास करने की लगातार शक्ति व क्षमता मिलती रहे।
Author

Similar Books

Becoming Your Own Safe Place: A Workbook For SELF-PARENTING And INNER HEALING
Becoming Your Own Safe Place: A Workbook For SELF-PARENTING And INNER HEALING
Life of Indians beyond India (and of NRIs who permanently returned to India)
Life of Indians beyond India (and of NRIs who permanently returned to India)
BEYOND LIMITS: STORIES THAT INSPIRE
BEYOND LIMITS: STORIES THAT INSPIRE
HOW TO STOP WORRYING AND START HELPING
HOW TO STOP WORRYING AND START HELPING
Money Moolah Sutralu
Money Moolah Sutralu
CLASH OF DIVINITY, HUMANITY & MATERIALITY IN KALIYUGA #MohanSutra on Divinity/Spirituality, Humanity, Materiality, and Kaliyuga
CLASH OF DIVINITY, HUMANITY & MATERIALITY IN KALIYUGA #MohanSutra on Divinity/Spirituality, Humanity, Materiality, and Kaliyuga

Customer Reviews